तबादला उस विद्यालय में, जो है ही नहीं


राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संख्या को देखते हुए शिक्षकों व्यवस्था सुधारना चाहता है, लेकिन विभागीय गड़बड़ी से नित नए प्रश्न खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जीआइसी प्रयागराज से सामाजिक विज्ञान में तीन शिक्षिका को सरप्लस दिखाकर समायोजन के लिए

विकल्प मांगा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यहीं इसी विषय में अमेठी से शिक्षक की तैनाती का आदेश कर दिया गया। इसके अलावा आफलाइन स्थानांतरण के लिए अधिक आवेदन के बावजूद सिर्फ 122 के स्थानांतरण पर प्रश्न उठे हैं कि आखिर किस मानक पर केवल 122 तबादले हुए ? इन सबके बीच अपर शिक्षा निदेशक राजकीय ने आनलाइन तबादले में कौशांबी के राजकीय हाईस्कूल लोधना के सामाजिक विज्ञान विषय के सहायक अध्यापक नारायण दास का स्थानांतरण सोनभद्र के जिस विद्यालय में किया, वह संचालित ही नहीं है। वह कौशांबी से कार्यमुक्त हो चुके हैं और सोनभद्र में संबंधित विद्यालय संचालित न होने से जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यभार ग्रहण नहीं कराने पर उनका वेतन अटक गया है.

अपर शिक्षा निदेशक ने 30 जून को नारायण दास का स्थानांतरण उनके आनलाइन आवेदन पर सोनभद्र के पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माडल इंटर कालेज मेडरदह के लिए किया। चार जुलाई को वह कौशांबी से कार्यमुक्त होकर पांच जुलाई को मेडरदह पहुंचे तो हैरान रह गए। वहां विद्यालय के नाम पर अधूरा खंडहरनुमा भवन मिला। उन्होंने बताया कि इस स्थिति को देख वह छह जुलाई को सोनभद्र के जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे तो वहां बताया गया कि यह विद्यालय अभी संचालित ही नहीं है तो ज्वाइन कहां कराएं? ऐसे में डीआइओएस राजेंद्र प्रसाद यादव ने अपर शिक्षा निदेशक राजकीय को पत्र लिखा कि संबंधित विद्यालय संचालित नहीं है। ऐसे में अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।

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