परिषदीय विद्यालयों में नहीं हो पा रहा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कहीं बच्चे कम, कहीं शिक्षक रहे गैरहाजिर

धनघटा। शासन-प्रशासन स्तर से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था का सुधार का दावा किया जा रहा है, लेकिन लंबे समय से बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था अब भी तस की तस बनी हुई है।

जिम्मेदार भी अपने कर्तव्य के निर्वहन की औपचारिकता निभा रहे हैं। बृहस्पतिवार को परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल में हकीकत सामने आ गई। विकासखंड पौली के मौना में स्थित जूनियर हाइस्कूल पर बृहस्पतिवार को पंजीकृत 116 में से मात्र 21 बच्चे विद्यालय में पढ़ने नरेंद्र प्रताप, धर्म ज्योति और तारा किरण मौजूद थे।
प्रधानाध्यापक प्रहलाद के बाबत पूछे जाने पर अनुदेशकों ने बताया कि वह कहीं गए हुए हैं। कब तक लौटेंगे इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। बच्चों की कम उपस्थिति का कारण पूछने पर अनुदेशकों ने कहा कि पता नहीं क्यों आज बच्चे विद्यालय पर कम संख्या में उपस्थित हुए है।
प्राथमिक विद्यालय पचरा में पंजीकृत 83 बच्चे हैं। सहायक अध्यापक रमेश वर्मा, जितेंद्र सोनी ने बताया कि 83 में से 69 बच्चे पढ़ने के लिए आए हैं। विद्यालय पर किसी प्रधानाध्यापक को नियुक्ति नहीं है। प्राथमिक विद्यालय बेलघाट में पंजीकृत 50 में से 30 बच्चे विद्यालय में मिले
प्रधानाध्यापिका आरती यादव और सहायक अध्यापक भूपेंद्र विद्यालय पर मौजूद थे। कम छात्रों के पंजीयन और मौजूदगी के संबंध में पूछे जाने पर शिक्षकों का कहना था कि विद्यालय पर इस वर्ष छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके पहले विद्यालय पर बहुत कम संख्या मैं बच्चे पढ़ने आते थे। श्री कृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी समझकर आज पढ़ने के लिए कम बच्चे आए हैं।
तीनों विद्यालयों पर एमडीएम बनता हुआ पाया गया। बीईओ अंशीधर सिंह का कहना है कि इन विद्यालयों पर बच्चों की उपस्थिति क्यों कम थी और जूनियर हाईस्कूल मडपौना के प्रधानाध्यापक कहां गए हुए थे, इसकी जानकारी करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए प्रयास किए जा रहे है।

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