शिक्षक ही बने क्लर्क तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, छात्र-छात्राओं को कैसे कराएं पढ़ाई

 बागपत। जिले के राजकीय विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी से लेकर शिक्षक और प्रधानाचार्यों की कमी से जुझना पड़ रहा है। छह इंटर कॉलेज और तीन हाईस्कूल में शिक्षक ही प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जबकि क्लर्क के अभाव में विद्यालयों में पत्राचार का कार्य प्रभावित हो रहा है और शिक्षकों को उनकी भी जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है और विद्यार्थियों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।

जिले में 13 राजकीय हाईस्कूल, पांच राजकीय कन्या इंटर व एक राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन विद्यालयों में नी प्रधानाचार्य, 66 सहायक अध्यापकों, 37 प्रवक्ता 16 क्लर्क और 51 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद रिक्त है।
प्रधानाचार्यों के पद रिक्त होने पर राजकीय विद्यालयों में शिक्षक ही प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिले के केवल राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बावली में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है, जबकि अन्य में चतुर्थ श्रेणी कर्मों ही नहीं हैं।
हैं इसलिए सबसे अधिक समस्या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के न होने की है। हालात यह हो गए हैं कि विद्यालयों में शिक्षकों पर ही क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जिम्मेदारी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति आयोग से होनी है। जिन विद्यालयों में प्रधानाचायों के पद रिक्त हैं, उनमें शिक्षकों को ही प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्लर्क के अभाव में विद्यालय के प्रधानाचार्य ही शिक्षकों की मदद से पत्राचार व अन्य कार्य करा रहे हैं।

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