शिक्षा सत्र के चार महीने गुजरे, सरकारी स्कूलों में नई किताबों का सिर्फ इंतजार

 

पीलीभीत। शिक्षा सत्र शुरू हुए चार माह बीत गए लेकिन परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के हाथों में नई किताबें नहीं पहुंची हैं। पुरानी किताबें जितनी उपलब्ध हैं, उनसे सभी विद्यार्थियों की जरूरत पूरी नहीं हुई। नई किताबों के लिए इंतजार की सलाह दी गई है।

जिले में परिषदीय विद्यालयों के लिए 16,32,846 किताबें आनी श्रीं अब तक 2,93,350 किताबें उपलब्ध हो सकीं। वह भी पूरी बंटी नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक सत्यापन के बाद 1,24,926 किताबें विद्यालयों को वितरित की जा चुकी हैं। शेष किताबें सत्यापन के बाद वितरित होगी। पहली से आठवीं कक्षा तक के लिए विभिन्न विषयों की 97 किताबें आनी थी सिर्फ 10 तरह की किताबें आई हैं। आई हैं। पर्यावरण और उर्दू की किताबें नहीं है इंग्लिश मीडियम स्कूलों के बच्चों के लिए किसी भी विषय की कोई किताब नहीं आई है। ऐसा तब है जब किताबें खरीदने के आदेश दिए जा चुके हैं। बुधवार को विद्यालयों में पहुंचकर किताबों की हकीकत परखी गई तो कई विद्यालयों में बच्चे खाली बैठे मिले और कई जगह पुरानी किताबों से पढ़ाई हो रही थी।

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