गैर जिलों में केंद्र, पीईटी से लड़कियों ने बनाई दूरी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 15 और 16 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (यूपी-पीईटी) का केंद्र गैर जिलों में बनाए जाने से बड़ी संख्या में छात्राओं ने दूरी बना ली है। 200 से 500 किलोमीटर दूर तक केंद्र भेजे जाने से निराश सैकड़ों महिला अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी बीच में ही छोड़ दी है। सप्ताहभर पहले प्रवेश पत्र जारी होने के बाद केंद्र का पता चला तो महिला आवेदकों खासतौर से शादीशुदा ने परीक्षा से दूरी बना ली है।

कई अभ्यर्थियों ने कोचिंग जाना बंद कर दिया है। नैनी की स्वाति केशरवानी व प्रिया साहू को 212 किमी दूर उन्नाव केंद्र दिया गया है। राजरूपपुर की अमिता सिंह और नैनी की ही जूही साहू को 234 किमी दूर लखनऊ भेजा गया है। अमिता और स्वाति गृहणी हैं और उन्होंने परीक्षा देने का इरादा छोड़ दिया है जबकि प्रिया और जूही को परीक्षा दिलाने के लिए घर से इतनी दूर कोई ले जाने वाला नहीं है।
बेरोजगारों में पीईटी को लेकर जबर्दस्त क्रेज युवाओं में यूपी-पीईटी को लेकर जबर्दस्त क्रेज देखने को मिला है। लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, स्टाफ नर्स, ऑफिस असिस्टेंट, एएनएम, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में बाबू आदि पदों पर भर्ती के लिए पीईटी अनिवार्य है। यही कारण है कि यूपी-पीईटी के लिए पूरे प्रदेश में 37.63 लाख आवेदकों ने पंजीकरण कराया है। 15 व 16 अक्तूबर को सुबह 10 से 12 और 3 से 5 बजे की दो पालियों में प्रस्तावित परीक्षा के लिए अकेले प्रयागराज में 1,20,960 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं और 64 केंद्र बनाए गए हैं।
पशोपेश में दिव्यांग और महिला अभ्यर्थी
चित्रकूट के अभ्यर्थियों का सेंटर 450 किमी दूर आगरा तक गया है। महिलाओं का कहना है कि सेंटर दूर होने से दिक्कत है। औरैया के परीक्षार्थियों के सेंटर दूर होने से माना जा रहा है दिव्यांग और महिलाएं कम ही परीक्षा में भाग लेंगी। जालौन की महिला परीक्षार्थी कानपुर, लखनऊ, महोबा, इटावा में सेंटर होने के कारण पशोपेश में हैं। काफी महिलाएं परीक्षा में शामिल होने को तैयार नहीं है।
गर्भवती महिलाओं के 500 किमी दूर तक भेजे केंद्र
पीईटी को लेकर गोरखपुर में भी विवाद की स्थिति है। महिलाओं के सेंटर 200 से 500 किलोमीटर दूर भेज दिए गए हैं। इसमें कई महिलाएं गर्भवती भी हैं। एएनएम संविदा संघ की प्रदेश संयोजिका प्रेमलता पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। कहा कि कुछ महिलाओं के परिवार में सहायक नहीं है, उनके बच्चे छोटे हैं। ऐसे में उनकी दुश्वारियां और बढ़ जाएंगी।
छात्राओं ने केंद्र बदलने की मांग उठाई
मुरादाबाद मंडल में अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं कुछ परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र की दूरी दो सौ किलोमीटर तक या उससे भी अधिक हैं। बड़ी संख्या में छात्राओं ने केंद्र बदलने की मांग की है लेकिन वे परीक्षा देंगी या नहीं, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

Similar Posts