यूपी में नवंबर दिसंबर में होंगे नगरीय निकाय चुनाव , विभाग जुटा तैयारी में

लखनऊ, । UP Urban Body Election अबकी नवंबर-दिसंबर में नगरीय निकायों (Urban Body Election) के चुनाव होंगे। पांच वर्ष पहले 2017 के अक्टूबर-नवंबर माह में चुनाव कराए गए थे। राज्य सरकार (State Government) द्वारा हाल ही में कई निकायों के गठन व सीमा विस्तार के चलते चुनाव एक माह टलते दिख रहे हैं। पिछली बार 27 अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी हुई थी और नवंबर में मतदान कराए गए थे।
जनवरी के पहले सप्ताह तक आ सकते हैं नगरीय निकाय चुनाव के नतीजेराज्य निर्वाचन आयोग को निकाय चुनाव कराने के लिए डेढ़ माह यानी 45 दिन चाहिए होते हैं। विशेष परिस्थितियों में आयोग ने 35-36 दिनों में भी चुनाव कराए हैं।पांच वर्ष पहले 2017 में आयोग ने 27 अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी की थी। तीन चरणों में मतदान 22, 26 व 29 नवंबर को हुआ था। मतों की गिनती एक दिसंबर को हुई थी।इस बार भी स्थिति ऐसी है कि सरकार द्वारा हाल ही में कई निकायों का गठन और सीमा विस्तार किया गया है। ऐसे में निकायों के परिसीमन का काम ही अभी खत्म नहीं हो सका है।इससे राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम भी नहीं करा पा रहा है। इसके अलावा वार्डों के आरक्षण व ईवीएम से कराये जाने वाले निकाय चुनाव के लिए ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग का काम भी अभी अधूरा है।अभी जितना काम शेष है उसे देखते हुए इस बार नवंबर अंत से पहले अधिसूचना जारी होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।सूत्र बताते हैं कि समय कम होने से इस बार चुनाव दो चरणों में कराए जाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।यदि ऐसा हुआ तब भी नतीजे जनवरी के पहले सप्ताह तक आएंगे। उल्लेखनीय है कि नगरीय निकायों का कार्यकाल उसके सदन की पहली बैठक से पांच वर्ष के लिए होता है।वर्ष 2017 में चुनाव के बाद ज्यादातर निकायों की पहली बैठक जनवरी के पहले सप्ताह में हुईं थीं। ऐसे में सरकार व आयोग की पूरी कोशिश है कि जनवरी के पहले हफ्ते से आगे चुनाव न बढ़े ताकि निकायों में प्रशासक की तैनाती न करनी पड़े।अबकी 762 निकायों के होंगे चुनाववर्ष 2017 में 652 नगरीय निकायों का चुनाव हुआ था लेकिन इस बार अब तक 762 नगरीय निकाय अस्तित्व में आ चुकी हैं। यानी पिछले चुनाव से इस बार 110 निकाय ज्यादा हैं। पिछले चुनाव में 3.32 करोड़ मतदाता थे।

प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने कहा क‍ि अब केवल अंतिम चरण के नगरीय निकायों के सीमा विस्तार के कुछ प्रस्ताव शेष हैं जो आगामी कैबिनेट बैठक में रखे जाएंगे। परिसीमन का काम चल रहा है। शीघ्र ही इसे अंतिम रूप देकर राज्य निर्वाचन आयोग के पास भेज दिया जाएगा। चुनाव समय पर ही होंगे।

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