विद्यालयों के शिक्षण की निगरानी में सेवानिवृत्त शिक्षक करेंगे सहयोग

 Ghazipur: परिषदीय विद्यालयों की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एक और पहल की गई है। इसके तहत इन विद्यालयों के शिक्षण कार्य की निगरानी में अब सेवानिवृत्त शिक्षक सहयोग करेंगे। इनका चयन शिक्षक साथी के तौर पर जिलास्तर पर गठित समिति करेगी। इनका कार्यकाल एक वर्ष का होगा।

जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें शिक्षक साथियों का चयन सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के लिए किया जा रहा है। इसके लिए परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक, प्रधानाध्यापक के रूप में न्यूनतम पांच वर्ष का शिक्षण कार्य का अनुभव रखने वाले लोग ही पात्र होंगे। सेवानिवृत्त होने से 70 वर्ष की आयु तक की अवधि के लिए चयन मान्य होगा। इनका चयन एक वर्ष के लिए होगा। बाद में प्रदर्शन के आधार पर इसे बढ़ाया जाएगा।
राज्य एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को चयन में वरीयता मिलेगी। शिक्षक साथी को मानदेय के रूप में ढाई हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसके अलावा कोई अन्य भत्ता नहीं दिया जाएगा। उनकी उपस्थिति उनकी तरफ से सपोर्ट सुपरविजन रिपोर्ट प्रेरणा एप पर अपलोड करने पर मानी जाएगी। उसी के अनुसार उन्हें मानदेय भत्ता मिलेगा। एक शिक्षक साथी को महीने में कम से कम 30 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रेरणा ऐप के माध्यम से सपोर्टिव सुपरविजन करना होगा। उसकी रिपोर्ट बीएसए एवं डायट प्राचार्य को अगले महीने की पांच तारीख तक भेजनी होगी।
शिक्षक साथी को एक माह की कार्य योजना एवं भ्रमण कार्यक्रम जिला समन्वयक प्रशिक्षण के माध्यम से बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं डायट प्राचार्य को हर माह की 28 तारीख तक देना होगा। शिक्षक साथी को दीक्षा ऐप एवं रीड एलांग ऐप के प्रयोग के लिए बच्चों एवं अभिभावकों को प्रेरित करना होगा। निरीक्षण के दौरान बच्चों की प्रार्थना सभा, बैठक व्यवस्था, समय सारणी का प्रयोग, बाल संसद, मीना मंच, पुस्तकालय, खेलकूद जैसी गतिविधियां देखनी होगी। विद्यालय में उपलब्ध प्रिंट रिच सामग्री, टीएलएम, मैथ एवं साइंस किट्स, लाइब्रेरी बुक एवं तालिका का प्रयोग सुनिश्चित करना होगा। ब्लॉक स्तर पर होने वाली प्रधानाध्यपकों की मासिक बैठक में शिक्षक साथी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
शिक्षक साथी के चयन को लेकर शासन से निर्देश प्राप्त हुआ है। जल्द ही चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। – हेमंत राव, बेसिक शिक्षा अधिकारी

Similar Posts