सहायता प्राप्त और राजकीय विद्यालयों में मध्याहन भोजन बनाने के लिए कार्यरत रसोइयों को अप्रैल माह का बढ़ा हुआ मानदेय मिला

 सुल्तानपुर। जिले के परिषदीय सहायता प्राप्त और राजकीय विद्यालयों में मध्याहन भोजन बनाने के लिए कार्यरत 6104 रसोइयों को अप्रैल माह का बढ़ा हुआ मानदेय दिया गया। अभी तक तीन माह का मानदेय बकाया है।
 

जिले में 2195 विद्यालयों में मध्याहन भोजन योजना संचालित होती है। इसमें 2064 परिषदीय और 131 राजकीय/ सहायता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए मध्यान भोजन तैयार करने के लिए 6104 रसोइया कार्यरत हैं। रसोइयों को पहले 1500 रुपये मानदेय दिया जाता था प्रदेश सरकार ने रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया था। पहली बार अप्रैल माह का बढ़ा हुआ मानदेय रसोइयों के खाते में पहुंचा। कुल एक करोड़ 22 लाख 65 हजार 226 रुपये से 6104 रसोइयों को मानदेय भुगतान किया गया। हालांकि अभी भी जुलाई अगस्त और सितंबर का मानदेय बकाया है। लंबी अवधि से मानदेय बकाया रहने से रसोइयों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। रसोइया संघ मानदेय का नियमित भुगतान किए जाने को लेकर कई बार प्रदर्शन भी कर चुका है। रसोइयों को साल भर में 10 माह का ही मानदेय भुगतान किया जाता है। मई व जून में बिना मानदेव भुगतान किए रसोइयों से काम लिया गया है।

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