हायर एजुकेशन पर सबसे ज्यादा खर्च करता है केरल, तेलंगाना-तमिलनाडु भी पीछे नहीं

भारत में हायर एजुकेशन के मामले में दक्षिण भारत के राज्य आगे हैं, यह खुलासा नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में हुआ है. इनमें एक प्रति युवा उच्च शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च करने की बात करें तो इनमें केरल सबसे आगे हैं.

नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक देश में 14 वें वित्त आयोग के तहत राज्यों को कर हस्तांतरण को 32 प्रतिशत से 42 प्रतिशत किया जा चुका है, लेकिन इस बढ़ोतरी के बावजूद कई राज्यों में शिक्षा खर्च में बढ़ोतरी नहीं हुई है. हालांकि अगर प्रति युवा उच्च शिक्षा पर खर्च की बात की जाए तो उसमें बढ़ोतरी हुई है. खासकर साउथ के राज्यों में हायर एजुकेशन पर लगातार अच्छा काम हुआ है.

प्रति युवा हायर एजुकेशन पर इतना हो रहा खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक देश में हायर एजुकेशन पर प्रति युवा हो रहा खर्च 2174 से बढ़कर 4921 हो गया है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिश फाइलेंस एंड पॉलिसी के हवाले से द हिदू में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक इनमें केरल और तेलंगाना में 18 से 23 वर्ष तक के युवाओं की उच्च शिक्षा पर अधिक राशि खर्च की गई है. इसके बाद तीसरे और चौथे नंबर पर भी आंध्रपदेश और तमिलनाडु जैसे राज्य ही हैं.

नीति आयोग की रिपोर्ट में केरल का दबदबा

नीति आयोग की रिपोर्ट में हायर एजुकेशन में केरल में 41.3 प्रतिशत इनरोलमेंट अनुपात है जो राष्ट्रीय औसत 28.4 प्रतिशत से काफी ऊपर है. यदि समग्र निवेश की बात करें तो केरल अपने राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 3.46 प्रतिशत एजुकेशन पर खर्च करता है. इनमें से 0.53 प्रतिशत हायर एजुकेशन पर खर्च किया जाता है.

इन मामलों में भी केरल आगे

लैंगिक समानता के मामले में भी केरल आगे हैं. यहां का लिंग समानता सूचकांक 1.44 रहा है, जबकि देश में यह 1.01 रहा है. अगर नॉर्थ के राज्यों से तुलना करें तो केरल में महिला नामांकन दर कहीं अधिक है जो ये दर्शाती है कि साउथ के राज्यों में महिलाओं की हायर एजुकेशन के प्रति ज्यादा काम हो रहा है. इसके अलावा डिजिटल लर्निंग के मामले में भी केरल को अव्वल बताया गया है.