SSC CGL 2024 के परिणामों के बाद कई कैंडिडेट्स के बीच नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस को लेकर भ्रम पैदा हो गया है. कई कैंडिडेट इसके फेयरनेस और एक्युरेसी पर सवाल उठा रहे हैं. नॉर्मलाइजेशन का लक्ष्य विभिन्न शिफ्ट्स में एग्जाम के स्तर में अंतर को संतुलित करना है. जिससे मार्क्स में अप्रत्याशित बदलाव हो सकते हैं.
परीक्षाएं विभिन्न शिफ्ट्स में आयोजित की जाती हैं जिनमें क्वेश्चन पेपर्स की कठिनाई में वैरिएशन होता है. नॉर्मलाइजेशन इस वैरिएशन को दूर करने के लिए एक स्टेटिस्टीकल फार्मूला लागू किया जाता है जिससे सभी कैंडिडेट्स के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सके.
नॉर्मलाइजेशन की प्रोसेस उस बेसिक धारणा पर आधारित है कि मल्टी-शिफ्ट एग्जाम्स में कैंडिडेट्स की क्षमताओं का वितरण सभी शिफ्ट्स में समान होता है. यह धारणा उचित मानी जाती है क्योंकि आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में विभिन्न शिफ्ट्स में बड़ी संख्या में कैंडिडेट बैठते हैं.
SSC आयोग कैंडिडेट्स के फाइनल स्कोर के लिए इन फॉर्मूलाज को इस्तेमाल करता है-
- नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस के तहत नंबर पांच दशमलव स्थानों तक गिने जाते हैं.
- SSC ने 12 मार्च 2025 को SSC CGL 2024 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया था. इस परीक्षा के परिणाम SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर उपलब्ध हैं. सभी पदों के लिए कैटेगरीवाइज कट-ऑफ भी घोषित किया गया है. इस परीक्षा में कुल 18,174 कैंडिडेट्स को नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है.
- अगर किसी कैंडिडेट के Tier-2 परीक्षा के अंकों में टाई हो, तो उसे सॉल्व करने के लिए मानदंडों का पालन किया जाता है-
- जूनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (JSO) / स्टैटिस्टिकल इन्वेस्टिगेटर ग्रेड-II के पदों के लिए Paper-II के अंकों को प्राथमिकता दी जाती है.
- Tier-2 परीक्षा के Paper-I के Section-I के अंकों को ध्यान में रखा जाएगा.
- कैंडिडेट की डेट ऑफ बर्त के आधार पर पुराना कैंडिडेट हायर पॉजिशन पर होगा.
- कैंडिडेट के नाम के अनुसार वर्णमाला में प्राथमिकता दी जाएगी.
SSC CGL Tier 1 और Tier 2 परीक्षा
SSC CGL Tier-1 परीक्षा 9 से 26 सितंबर 2024 के बीच कंप्यूटर आधारित प्रारूप में आयोजित की गई थी. Tier-1 के परिणाम 5 दिसंबर 2024 को घोषित किए गए थे. जिससे कैंडिडेट्स को Tier-2 परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था. Tier-2 परीक्षा 18 से 20 जनवरी 2025 के बीच आयोजित की गई थी. जिसमें एक अतिरिक्त डेट 31 जनवरी 2025 को भी दी गई थी.