नई शिक्षा नीति के तहत क्लास 1 से 10 तक नए पाठ्यक्रम के हिसाब से पुस्तकें आने वाली है. सत्र भी शुरू हो चुका है, लेकिन सीबीएसई अब जाकर शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए समय सारणी तैयार कर रहा है. टीवी9 भारतवर्ष को मिली जानकारी के मुताबिक सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को शिक्षण प्रशिक्षण के वार्षिक विषय के रूप में निर्धारित किया है.
सीबीएसई का मानना है कि स्टेम से छात्राें में विज्ञान, इंजीनियरिंंग और गणित में योग्यता बढ़ेगी और उनमें नवाचार और आलोचनात्मक सोच का विकास होगा. इसीलिए इस बार शिक्षकों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि छात्रों में सीखने की रूचि और जिज्ञासा भी विकसित होगा.
क्या है STEM
स्टैम (STEM) शिक्षा का मतलब है विज्ञान (Science), प्रौद्योगिकी (Technology), इंजीनियरिंग (Engineering) और गणित (Mathematics) के क्षेत्रों में शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना, जो छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करना है.बोर्ड ने इस संबंध में स्कूलों को भी स्टेम आधारित गतिविधियों को अपनाने का सुझाव भी दिया है. सीबीएसई के अनुसार दुनिया तेजी से विकसित हो रही है, जहां तकनीकी प्रगति और वैज्ञानिक नवाचार भविष्य को आकार दे रहे हैं. ऐसे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी स्टेम शिक्षा को महत्व देती है जो एक प्रगतिशील और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में सहायक है.
क्या होगा प्रशिक्षण का स्वरूप
सूत्रों को मुताबिक बोर्ड के अनुसार स्टेम शिक्षा पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को उन्नत शिक्षण रणनीतियों में प्रशिक्षित करेगा और शिक्षण में तकनीकी एकीकरण को सशक्त बनाएगा. इसे छह घंटे के सतत व्यावसायिक विकास के रूप में गिना जाएगा जो कि स्कूल के 25 घंटे के प्रशिक्षण का भाग होगा. यह स्कूल या स्कूलों के समूह द्वारा आयोजित किया जा सकता है. भाग लेने स्कूलों को प्रशिक्षण रिकॉर्ड रखना होगा और इसे बोर्ड के ओएसिस पोर्टल पर अपडेट करना होगा.