3 अप्रैल का इतिहास: आज ही हुआ था महान सेना अधिकारी सैम मानेकशॉ का जन्म

आज की दुनिया में मोबाइल और कंप्यूटर की अहमियत से इनकार करना मुश्किल है. इन दोनों तकनीकी अविष्कारों ने दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांति ला दी है. खास बात यह है कि इन दोनों अविष्कारों का तीन अप्रैल से खास रिश्ता है.

3 अप्रैल 1973 को मार्टिन कूपर ने हैंडहेल्ड मोबाइल फोन से बेल लैब्स के जोएल एस. एंजेल को पहला फोन किया था. इस फोन कॉल को आज के मोबाइल फोन की शुरुआत माना जाता है. उस समय कूपर मोटरोला कंपनी में कार्यरत थे. हालांकि अमेरिका में 1930 से कार फोन का उपयोग हो रहा था लेकिन हैंडहेल्ड मोबाइल का उपयोग पहली बार कूपर ने 3 अप्रैल को किया.

इसी दिन 1981 में सैन फ्रांसिस्को के ब्रुक्स हॉल में ओसबोर्न कंप्यूटर कॉरपोरेशन के एडम ओसबोर्न ने पहला पोर्टेबल कंप्यूटर पेश किया. इसका वजन लगभग 24 पाउंड था और यह उस समय का सबसे हल्का और छोटा कंप्यूटर था.

भारत के लिए भी यह दिन महत्वपूर्ण है. 3 अप्रैल को ही भारतीय सेना के प्रसिद्ध और महान जनरल सैम. मानेकशॉ का जन्म 1914 में हुआ था. मानेकशॉ भारतीय सेना के पहले फील्ड मार्शल थे. उनका सैन्य करियर असाधारण था और उन्होंने भारत-पाक युद्ध 1971 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत सुनिश्चित हुई.

इसके अलावा 3 अप्रैल को घटी बड़ी घटनाएं –

1680: छत्रपति शिवाजी का रायगढ़ में निधन.

1903: समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी कमला देवी चट्टोपाध्याय का जन्म.

1914: एस.एच.एफ.जे. मानेकशॉ का जन्म.

1929: प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार निर्मल वर्मा का जन्म.

1942: जापान ने द्वितीय विश्वयुद्ध में अमेरिका के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की.

1973: मार्टिन कूपर ने पहला हैंड हेल्ड मोबाइल फोन इस्तेमाल किया.

1981: एडम ओसबोर्न ने पहला पोर्टेबल कंप्यूटर पेश किया.

1984: भारत के स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा को सोवियत यान में अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना गया.

1999: भारत ने पहला वैश्विक संचार उपग्रह इन्सैट 1ई लॉन्च किया.

2010: Apple का पहला iPad बाजार में आया.

2012: मास्को में एक भीषण आग में 17 प्रवासी श्रमिकों की मौत.

2013: अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में बाढ़ में 100 लोगों की मौत.

2021: प्रसिद्ध पत्रकार और साहित्यकार राधेश्याम खेमका का निधन.

2024: ताइवान में आए तेज भूकंप में 9 लोगों की जान गई.