भारत सरकार आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए 728 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) खोलने जा रही है. यह योजना 2018-19 में शुरू की गई थी, जिसका मकसद आदिवासी छात्रों को नवोदय विद्यालय जैसी क्वालिटी एजुकेशन देना है. इस योजना के तहत 440 नए स्कूल बनाए जाएंगे और 288 पहले से चल रहे स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा.
सरकार की योजना है कि हर उस आदिवासी क्षेत्र में एक स्कूल हो, जहां 50% से अधिक आदिवासी आबादी हो और कुल 20,000 से ज्यादा लोग रहते हों. इस योजना से लगभग 3.5 लाख आदिवासी छात्रों को फायदा मिलेगा.
क्या होंगी एकलव्य स्कूलों की खासियतें?
ये स्कूल छात्रों को न सिर्फ अच्छी पढ़ाई देंगे, बल्कि उनके ऑल राउंड डेवलपमेंट पर भी ध्यान देंगे. स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी आदि. रहने की सुविधा लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग होस्टल और सभी जरूरी सुविधाएं. खेल और अन्य एक्टिविटीज खेल का मैदान, म्यूजिक, डांस और अन्य आर्ट एक्टिविटीज.
हेल्थ और न्यूट्रिशन छात्रों के लिए नियमित मेडिकल जांच और पौष्टिक भोजन. डिजिटल शिक्षा इंटरनेट से जुड़ी स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल बोर्ड. वोकैशनल ट्रेनिंग छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने के लिए विशेष स्किल ट्रेनिंग.
डिजिटल और मॉडर्न एजुकेशन पर जोर
सरकार इन स्कूलों को तकनीकी रूप से भी एडवांस्ड बना रही है. स्मार्ट क्लासरूम डिजिटल बोर्ड और ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा. स्किल लैब 200 स्कूलों में 400 स्किल लैब बनाई जा रही हैं. ऑनलाइन कोचिंग IIT-JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग. DTH चैनल दूरदराज के छात्रों के लिए NCERT का खास एजुकेशनल चैनल और रीजनल लैंग्वेजेस में पढ़ाई का अवसर मिलेगा.
स्कॉलरशिप और अन्य सुविधाएं
आदिवासी छात्रों को फाइनेंशियल सहायता देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं. प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए. पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप कक्षा 11 और इससे ऊपर के छात्रों के लिए. नेशनल स्कॉलरशिप योजना इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईटी और लॉ जैसी पढ़ाई के लिए.
नेशनल रिसर्च स्कॉलरशिप M.Phil और PhD करने वाले छात्रों के लिए. विदेश में पढ़ाई के लिए सहायता योग्य छात्रों को विदेश में पढ़ने के लिए फाइनेंशिय सहायता. कंपेटिटिव एक्साम्स की फीस माफी NEET, JEE और CLAT जैसी परीक्षाओं की एप्लिकेशन फीस सरकार देगी.
इस योजना से क्या बदलेगा?
EMRS योजना का मकसद आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा, एंप्लॉयमेंट के अवसर और आत्मनिर्भरता देना है. ये स्कूल क्वालिटी एजुकेशन के साथ-साथ छात्रों को उनके कल्चर और ट्रेडिशन से जोड़कर आगे बढ़ने का अवसर देंगे. सरकार का यह कदम आदिवासी शिक्षा को एक नया रूप देगा और लाखों छात्रों के भविष्य को ब्राइट बनाएगा.
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